Two-Day Educational Tour to Jodhpur, 14 – 15.03.2022

दिनांक 14-15 मार्च 2022 को भूगोल विभाग में एम. ए. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों के लिए जोधपुर जिले में स्थित प्रादेशिक सूदुर संवेदन केन्द्र (इसरो), कायलामा झील (जल (संरक्षण), मेहरानगढ़ दुर्ग एवं उम्मेदभवन (ऐतिहासिक), भूगोल विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (शैक्षणिक) आदि स्थानों पर दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। प्रादेशिक सूदुर संवेदन केन्द्र, राजस्थान में इसरो का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संस्थान है जो सुदूर संवेदन क्षेत्र में कार्य कर रहा है। भ्रमण के दौरान दिनांक 14.03.2022 को संस्थान में कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा भारत में सुदूर संवेदन कार्यक्रम के विकास, सुदूर संवेदन की वर्तमान में उपयोगिता एवं भूवन पोर्टल की उपयोगिता आदि विषयों पर दृश्य-श्रव्य तरीकों से विद्यार्थियों को व्याख्यान दिया गया। साथ ही संस्थान में लगी प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों को उपग्रहों की बनावट, कार्यप्रणाली एवं इसरो की आगामी परियोजना के बारे में कई सूचनाएं दी गयी जो विद्यार्थियों के लिए सुदूर संवेदन तकनीक सीखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। दिनांक 15.032022 विद्यार्थियों द्वारा मेहरानगढ़ एवं जसवतथडा जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर उनके इतिहास को एवं ऐतिहासिक तथ्यों को समझने का सफल प्रयास किया। उसके उपरांत विद्यार्थियों ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के भूगोल एवं भूगर्भ विज्ञान विभाग का भ्रमण किया। भूगर्भ विज्ञान विभाग में डायनासोर के पैरों के अवशेष देखकर विद्यार्थी अभिभूत थे। अंत में ऐतिहासिक उम्मेद भवन का भ्रमण किया। इसके अतिरिक्त भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने थार मरूस्थल के पर्यावरण एवं उसके पारिस्थितिक तंत्र वनस्पति एवं वन्यजीव, मृदा, कृषि, स्थलाकृति आदि का प्रत्यक्ष अवलोकन कर उन्हें समझने की सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ। यह भ्रमण भूगोल के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ। इस भ्रमण में भ्रमण समन्वयक डॉ देवेन्द्र सिंह चौहान एवं सुश्री ऊर्मि शर्मा एवं विभाग के शोधार्थी तथा एम.ए. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के कुल 33 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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Last Updated on : 24/01/26